आत्म- संयम मनुष्य की उन्नति की पहली सीढ़ी है| इसके बिना सफल होना नामुमकिन है| अपने मान को वश में रखना ही आत्म-संयम या आत्म-नियन्त्रण कहलाता हैं और यही से शुरू होता है सफलता का द्वार| यह उन्नति का मूलमंत्र है | याद रखें:- जिसने अपनी भावनाओ पर काबू कर लिया, शासन कर लिया, वह सब पर शासन कर सकता है| जिसने स्वयं को जीता, मानो उसने सब-कुछ जीत लिया| गेटे ने कहा था - 'जो अपने उपर शासन नहीं करेगा, वह सदैव दूसरों का सेवक रहेगा|' more: - hindi motivational books greatest motivational books in hindi